(अन्ना के आन्दोलन से परेशान नेता )
पहले अंग्रेजो को भगाया था, अब नेताओं की बारी है
जंग तब जारी थी जंग अब भी जारी है
बस फर्क इतना है
उनकी चमडी सफेद थी, इनके कपडे सफेद है
जंग तब भी जारी थी, जंग अब भी जारी है
उन अंग्रेजो का एक ही जात, एक मजहव हुआ करता था
पर अब
कोई गुजराती, कोई मराठी, कोई बिहारी है
जंग तब भी जारी थी जंग अब भी जारी है
जब उन अग्रजों को भगाया तब बे बेगाने थे
पर अब
नेता भी हमारे है, और ये धरती माँ भी हमारी है
जंग तब भी जारी थी जंग अब जारी है
पर अब ये काहा जाता है गली गली में शोर है सारे नेता चोर है
देखते है वोटो के बाद क्या भष्टाचार और बढता है या रुकता है....!!!!
देखना ये है कि क्या होगा देश के भबिष्य का किसके हाथो में जाती है देश की बाग डोर....
और अन्ना हजारे भी क्या कर पायेंगे देश के लिए ये हम देख ही रहे है और आगे क्या होगा वो भी
देखा जायेगा पर आज महात्मा गाँधी होते तो अन्ना पर गर्व करते....!!!
( दर्शको 63वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें)
वन्दे मातरम......सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा....प्ररेणा वैश्य
पहले अंग्रेजो को भगाया था, अब नेताओं की बारी है
जंग तब जारी थी जंग अब भी जारी है
बस फर्क इतना है
उनकी चमडी सफेद थी, इनके कपडे सफेद है
जंग तब भी जारी थी, जंग अब भी जारी है
उन अंग्रेजो का एक ही जात, एक मजहव हुआ करता था
पर अब
कोई गुजराती, कोई मराठी, कोई बिहारी है
जंग तब भी जारी थी जंग अब भी जारी है
जब उन अग्रजों को भगाया तब बे बेगाने थे
पर अब
नेता भी हमारे है, और ये धरती माँ भी हमारी है
जंग तब भी जारी थी जंग अब जारी है
पर अब ये काहा जाता है गली गली में शोर है सारे नेता चोर है
देखते है वोटो के बाद क्या भष्टाचार और बढता है या रुकता है....!!!!
देखना ये है कि क्या होगा देश के भबिष्य का किसके हाथो में जाती है देश की बाग डोर....
और अन्ना हजारे भी क्या कर पायेंगे देश के लिए ये हम देख ही रहे है और आगे क्या होगा वो भी
देखा जायेगा पर आज महात्मा गाँधी होते तो अन्ना पर गर्व करते....!!!
( दर्शको 63वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें)
वन्दे मातरम......सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा....प्ररेणा वैश्य
