बसपा प्रमुख मायावती की आठ बर्ष पूर्व कुल संपत्ती 11
करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 111 करोड़ रुपये अर्थात दस गुना से भी अधिक हो
गई है। स्पष्ट है कि व्रध्दि उसे मिलने वाले वेतन भत्ते या किसी व्यवसाय में लाभ
से नही हुयी है। यह आम जनता को पैसा है जो जनता की भलायी के कामों में लगना चाहिए
था लेकिन ऐसा होता कब है । ये तो सब नेताओ की जेब में जाता है । इसी तरह सोनिया
गांधी दुनिया की चौथी सबसे अमीर राजनेता हैं। विदेशों में जमा धन वापस लेने के लिए
कानून नही बनाने का यह भी एक कारण हो सकता है वैसे तो राजनेताओ के पास कारणों की
कोई कमी नही होती । यह सारा पैसा जनता का है, इसे वसूला जाना चाहिए मगल कैसे ????? वरना ऐसे ही हर रोज नए
घोटाले सामने आते रहेंगें और घोटालो के साथ एक घोटाले का नाम जुड़ता जायेगा ....जरा
सोचिए अपने देश के भविष्य के बारे में दोस्तों.....प्रेरणा वैश्य...:)
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